Sharana Sharade Devi

शरण शारदे देवी तू आम्ची माता । करुणा केल्यारी तूवे अनुकूल विधाता ।।पल्लवी।। आव्सु तू बालकांक विद्यापीयूष दित्ता पाव्सु तो करूणेचो घाल्नु सिंपिता ।। तूंवे तारि दिल्यारि विद्येचे धन मेलता । जीवन हे सुख पाव्ता खुशीन मन खेलता ।।१।। गीत आणि संगीत दित्तली तू सरस्वती । माते हॉंव माग्ता तू दी माक्का सन्मती ।। देवी … Read more

Saat Svarancho Sagaru

सात स्वरंचो सागरू पोवुया संगीत रस भरूया । गीत आनी संगीत सरस्वती मातेक स्तुती करुया ।।पल्लवी।। पुस्तक धारिणी वीणा पाणी देवी सरस्वती माते । मस्तक बागसितां हांव तुक्का वरूदी मंगल दाते ।।१।। कलेची देवी तूं विद्या दायिनी माते तू भारती । सुलभ तुजे भक्तांक तू दित्ता व्द्या आन सन्मती ।।२।। वन्दन करता माते! नि रि … Read more

Mate Saraswati Veena Pani

माते सरस्वती वीणा पाणी । स्तुति करता देवी ब्रम्हाणी।।पल्लवी।। वरुदी आम्का विद्या मेलचाक ।हरण करी विद्या आनी राक । दवरि आम्चेरि तू दयेची दृष्टी।देवी करि नित्य करुणा वृष्टि ।।१।। धरला हातांतु पुस्तक वीणा । शरण देवी तुक्का विद्या प्रवीणा ।। संगीत साहित्य भक्तांक दित्ता । सग जग जनपद नव रस पित्ता ।।२।। माते वरुदी भक्तजनांक … Read more

Prarthana Stotra

ब्रह्मरुद्रेन्द्रचन्द्रादि गीर्वाणगण वन्दित ज्ञानाभयप्रदानेन प्रपन्नानुद्धर प्रभो ॥१॥ कारुण्यपूर्ण नेत्राभ्यां सज्जनानन्द दायक ज्ञानाभयप्रदानेन प्रपन्नानुद्धर प्रभो ॥२॥ पराशरषयोराशि समुदभूतकलानिधे ज्ञानाभयप्रदानेन प्रपन्नानुद्धर प्रभो ॥३॥ वासवीनन्दनश्रीश वासवानुज वत्सल ज्ञानाभयप्रदानेन प्रपन्नानुद्धर प्रभो ॥४॥ वेदवेदांगवेदान्तप्रतिपाद्यपरात्पर ज्ञानाभयप्रदानेन प्रपन्नानुद्धर प्रभो ॥५॥ वन्दारुजनमन्दार वृन्दारकनिषेवित ज्ञानाभयप्रदानेन प्रपन्नानुद्धर प्रभो ॥६॥ मन्दस्मित मनोहारि सुन्दरानन माधव ज्ञानाभयप्रदानेन प्रपन्नानुद्धर प्रभो ॥७॥ शारणागतभक्तौघभवसागरतारक ज्ञानाभयप्रदानेन प्रपन्नानुद्धर प्रभो ॥८॥ कोटिकोटीन्दु संकाश मेघगम्भीरनिस्वन … Read more

Balavyas Stotram

सत्याय नित्याय जगद्धितायशुद्धाय बुद्धाय परात्पराय ।दिव्याङ्ना सत्यवती सुतायव्यासाय बालाय नमो नमस्ते ।।१।। वसिष्ठ वंशोत्भव संभवायपूर्ण॔ाय चन्द्राय मनोहराय ।दिव्याय रम्याय रमाधवायव्यासाय बालाय नमो नमस्ते ।।२।। वन्द्याय वन्द्यामरवन्दितायवेद्याय देवाखिल पालकाय ।वन्दारु भक्तामरपादपायव्यासाय बालाय नमो नमस्ते ।।३।। दातुं सुखं योगि पराशरायसूर्यात्मजाद्वीपगतोबभूव ।प्रादुर्भवो यस्यहरेस्तु तस्मैव्यासाय बालाय नमो नमस्ते ।।४।। लोके पवित्रम् परमम् प्रसिद्धंकालप्रियाघ्यं तु बभूव तीर्थं ।यज्जन्मना लोकगुरोस्तु तस्मैव्यासाय बालाय … Read more